विश्व विरासत दिवस पर जयपुर जाना हुआ। यह अच्छी पहल है कि इस दिन सभी ऐसी जगहों पर, जिन्हें धरोहर माना गया है, प्रवेश निशुल्क था। इसी कारण लोगों की संख्या तेज धूप के बावजूद भी कुछ ज्यादा थी। अक्सर घुमते हुए एक चीज मैं अनुभव करती हूँ कि आजकल लोग फोटों के लिए ज्यादा घूम रहे हैं, अनुभव के लिए कम। चीजों को देखने से ज्यादा हम किसमें/कहाँ अधिक सुंदर दिखाई देंगे, इस पर लोगों का ध्यान रहने लगा है। यह आगे के समय में घातक हो सकता है।
Posts
Showing posts from April, 2026
- Get link
- X
- Other Apps
अक्सर घूमते हुए एक बात हर जगह महसूस करती हूं। समाज महिलाओं के प्रति बहुत क्रूर है। मैं बहुत कुछ की उम्मीद नहीं करती लेकिन एक साधारण साफ, सुथरा पैखाना तक हम महिलाओं के लिए यह देश नहीं मुहैया करवा सकता। मर्द अपने को पेड़, झाड़ी,दीवार जहां चाहे हल्का कर सकते हैं लेकिन महिलाएं? प्रकृति ने हमारा निर्माण इस तरह की गतिविधि के लिए नहीं किया है। कई बार बस में 4-5 घंटे ऐसे ही काटे। ड्राइवर, कन्डेक्टर से बोलो तो मैडम यहां ही चले जाओ कह कर मजाक बनाते मिल जाएंगे। जहां महिला शौचालय है भी वहां पानी न होना, साफ - सफाई न मिलना आम बात है। कई बार वह बंद पाए जाते हैं। बाज़ार, रेलवे स्टेशन कहीं भी चले जाइए आपको यह दिक्कत जरूर दिख जाएगी। आजकल महिलाएं बाहर निकलने लगी हैं पर अब उनके साथ यह समस्या हर वक्त मुंह बाय खड़ी रहती है।